हरिद्वार के पवित्र क्षेत्र चंडी घाट (नील धारा) के समीप स्थित गौरी शंकर गौशाला एक सेवा-प्रधान संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य गौ सेवा, संरक्षण और धार्मिक भावनाओं के अनुरूप गौवंश की देखभाल करना है। यह गौशाला आध्यात्मिक वातावरण में स्थित है, जहाँ गंगा तट की पवित्रता और प्राकृतिक शांति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
गौरी शंकर गौशाला का प्रमुख लक्ष्य है:
गौशाला में आने वाली अधिकांश गायें ऐसी होती हैं जिन्हें सड़कों या अन्य स्थानों से लाकर सुरक्षित रखा जाता है और उनका उपचार किया जाता है।
चंडी घाट और नील धारा क्षेत्र हरिद्वार का एक अत्यंत पवित्र स्थान है। पास में स्थित चंडी देवी मंदिर भी एक प्रमुख सिद्धपीठ माना जाता है, जहाँ हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं
ऐसे पवित्र स्थान में स्थित यह गौशाला न केवल सेवा का केंद्र है बल्कि एक आध्यात्मिक साधना स्थल भी है, जहाँ गौ सेवा को पुण्य कार्य माना जाता है।
गौरी शंकर गौशाला समाज में निम्न कार्यों के माध्यम से योगदान देती है:
इस गौशाला के संचालन में समाज के लोगों का विशेष योगदान रहता है।
कोई भी व्यक्ति:
के माध्यम से जुड़ सकता है।